अम्बाला मे शिक्षकों ने किया DC ऑफिस के बाहर चिराग योजना के खिलाफ मोर्चा

हरियाणा के अंबाला में भी शिक्षकों ने सरकार की चिराग योजना के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

बुधवार को शिक्षा सदन के बाहर एकत्रित होकर शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

यहां से राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले रोष मार्च निकालते हुए CTM मुकुंद के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

चिराग योजना का शिक्षक जता रहे विरोध

प्राथमिक शिक्षक संघ अंबाला के प्रधान अमित कुमार ने कहा कि प्रदेशभर में मुख्यमंत्री सम्मान शिक्षा राहत सहायता व अनुदान योजना (चिराग) का विरोध किया जा रहा है।

सरकार ने सरकारी स्कूलों के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के स्टूडेंट्स के दूसरी से 12वीं क्लास तक निजी स्कूलों में एडमिशन कराने का निर्णय लिया है।

शिक्षक सरकार के इस निर्णय का विरोध जता रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार जल्द उनकी मांग पर संज्ञान नहीं लेती तो वह बड़ा आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे।

सरकारी स्कूलों को बंद करने की योजना

शिक्षकों ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा प्रस्तावित चिराग योजना गरीबों के उत्थान के लिए नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों को बंद करने की योजना है।

यह योजना पूर्ण रूप से शिक्षा, शिक्षक व समाज के लिए अहितकर है। भविष्य में निजी स्कूलों का शिक्षा के क्षेत्र में एकाधिकार होगा। सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।

सरकार अपनी जिम्मेदारी से झाड़ रही पल्ला

उन्होंने कहा कि सरकार चिराग जैसी योजनाएं लाकर और रिक्त पदों पर सेवानिवृत्त अध्यापकों को भर्ती करके अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रही है

और सांस्कृतिक मॉडल स्कूलों में दाखिला फीस लगाकर सरकार ने जनता पर आर्थिक बोझ डाल दिया है।

शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन

शिक्षकों ने कहा कि यह शिक्षा के अधिकार का सरासर उल्लंघन है। स्कूलों को मर्ज करना, व्यवहारिक युक्तिकरण की नीति,

मेवात में NGO द्वारा शिक्षकों की भर्ती, सरकारी स्कूलों में दाखिला में शर्त लगाना, समय पर किताबें उपलब्ध न कराना, पहली दूसरी क्लास को

NGO को सौंपना, अध्यापकों की भर्ती न करना सहित कई अनुचित फैसले सरकारी स्कूलों को बर्बाद करने वाले हैं।