हरियाणा के हिसार मे 14 साल से कंडम घोषित थी कॉलोनी आवास में परिवार सहित रह रहे 29 स्वास्थ्यकर्मी

हिसार। नागरिक अस्पताल परिसर में बने आवास 14 साल पहले कंडम घोषित किए जा चुके हैं, लेकिन आज भी इन क्वार्टरों में कच्चे व पक्के करीब 29 कर्मचारी परिवार सहित

अपने रिस्क पर गुजर बसर कर रहे हैं। वर्ष 2008 में बीएंडआर विभाग द्वारा इन आवासों को कंडम घोषित कर दिया था। कर्मचारी अपने स्तर पर आवास की मरम्मत करवा

रहे हैं। वहीं, पीएमओ कार्यालय की तरफ से घर के बाहर नोटिस चस्पा करवाए हैं कि जिनके मीटर नाम नहीं है वे अपने नाम करवाए नहीं तो कनेक्शन काट दिया जाएगा। दो दिन पहले आवासीय कॉलोनी से पानी की सप्लाई भी बंद हो चुकी है।


जानकारी के अनुसार कच्चे और पक्के 29 कर्मचारियों का परिवार इन मकानों में रह रहा है। उनका कहना है कि काफी सालों से मकानों की मरम्मत नहीं हुई है। हर साल अपने खर्चे पर मकान की रिपेयरिंग करवानी पड़ रही है।

बारिश में यहां पर छत टपकने लगती है। कच्ची गलियों में पानी भर जाता है। वे कई बार इस बारे में पीएमओ कार्यालय में शिकायत भी कर चुके हैं, लेकिन हमें यहां पर किसी प्रकार

कोई सुविधा नहीं मिल रही है। कर्मचारियों के परिवारों को कहना है कि सरकार की तरफ से रहने की सुविधा दी जानी चाहिए, क्योंकि इन मकानों की हालत जर्जर हो चुकी है।

1957 में अस्पताल के साथ बनी थी आवासीय कॉलोनी
आजादी के 10 साल बाद शहर में सरकारी अस्पताल का निर्माण हुआ था। उस समय अस्पताल में कर्मचारियों के रहने के लिए आवासीय कॉलोनी का निर्माण करवाया गया था।

यहां चिकित्सक, नर्स और चतुर्थ कर्मचारियों का परिवार रहता आ रहा है। आवासों को कंडम घोषित करने के बाद अब इन आवास में चतुर्थ कर्मचारी और दो स्टाफ नर्स का परिवार रह रहा है।
अपनी मर्जी से रह रहे हैं : डॉ. रत्ना

बीएंडआर विभाग के पास मकानों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा था, लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया। कच्चे और पक्के कर्मचारी परिवार के साथ अपनी मर्जी से रह रहे हैं। कर्मचारियों को कहा जा चुका है कि वे मकान अपने नाम अलॉटमेंट करवा लें।