नेशनल हाइवे के अवैध कट सड़क हादसों का सबसे बड़ा है कारण, लोगों की जान से खेल रहे ढाबा व पंप संचालक

नेशनल हाईवे के अवैध कट सड़क हादसों का सबसे बड़ा कारण साबित हो रहे हैं। प्रदेश सरकार नेशनल और स्टेट पर हाईवे पर अवैध कट बनाने वाले लोगों के खिलाफ

एफआईआर दर्ज कराने के आदेश जारी कर चुकी है, परंतु सरकार के इन आदेशों को अभी तक अमलीजामा पहनाने की कार्रवाई शुरू नहीं की गई है।

नतीजा यह है कि दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे पर हाल ही में बंद कराए गए अवैध कट तुरंत फिर से खोल दिए गए हैं। कोहरे के दौरान इन कटों के कारण हादसों की आशंका काफी बढ़ रही है।

इस नेशनल हाईवे पर अवैध कटों की संख्या सबसे अधिक है। जयसिंहपुर खेड़ा बॉर्डर से लेकर धारूहेड़ा तक 50 से अधिक स्थानों पर अवैध कट बनाए हुए हैं।

अधिकांश कट होटल, ढाबा और पेट्रोल पंप संचालकों ने बनाए हुए हैं। उनकी कमाई का आधार ही यह कट बने हुए हैं, परंतु हाइवे पर बने यह अवैध कट सड़कों को खून से लाल करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। इन कटों के कारण आए दिन सड़क

हादसे हो रहे हैं। रात के समय कोहरा पड़ने की सूरत में यह कट और भी खतरनाक हो जाते हैं। होटलों और पेट्रोल पंपों पर इन कटों के कारण खड़े होने वाले बैक करते समय हाइवे पर हादसों का कारण बन जाते हैं।एनएचएसआई की ओर से

अवैध कटों को बंद करने का सिलसिला हाल ही में शुरू किया गया था। कई स्थानों पर कट बंद करने वाले श्रमिकों को ढाबा और पंप मालिकों ने धमकाकर बिना कट बंद किए ही भगाना शुरू कर दिया। जिन स्थानों पर कटों को बंद कर दिया गया

था, उन स्थानों पर बंद करने के बाद तुरंत इन कटों को खोल दिया गया। एनएचएआई कटों को बंद कराने का कार्य ठेकेदार के मार्फत कराता है।

ठेकेदार के पास अधिकांश अप्रवासी श्रमिक कार्य कर रहे हैं, जो विरोध करने वाले ढाबा और पंप संचालकों का सामना नहीं कर पाते। मारपीट के डर से श्रमिक बिना कट बंद ही लौटने को मजबूर हो रहे हैं।

ओवरलोड डंपरों की सबसे बड़ी पनाहगाह

अवैध कट बनाने वाले ढाबा और पेट्रोल पंप संचालक अपने प्रतिष्ठान पर ओवरलोड डंपरों को पनाह देते हैं। आरटीए की टीम जब भी ओवरलोड वाहनों की चेकिंग शुरू करती है, ओवरलोड वाहनों को शॉट कट इन अवैध कटों के जरिए

ढाबों या पंपों पर खड़ा कर दिया जाता है। आरटीए टीमों को दादागिरी के बल पर ढाबा और पंप संचालक पास तक नहीं फटकने देते। ऐसे पंपों और ढाबों पर आपराधिक किस्म के लोग मौजूद रहते हैं, जो आरटीए टीम के साथ झगड़ा करने को तैयार रहते हैं।

मोटी कमाई का जरिया हो रहे साबित
हाइवे पर बने यह अवैध कट होटल और पंप मालिकों के लिए मोटी कमाई का जरिया बने हुए हैं। कई पंप और होटल मालिक ओवरलोड माफिया को इस बात की गारंटी देते हैं कि

उनके होटल, ढाबे या पंप पर वाहन पहुंचने के बाद वह उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने देंगे। इसके बदले में ओवरलोड माफिया उन्हें मोटी रकम का भुगतान करता है।

इससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंच रहा है। साथ ही बड़ी संख्या में ओवरलोड वाहनों के अवैध कटों के आसपास खड़ा होने से हाईवे की सर्विस लेन पर भी हादसों की आशंका बनी रहती है।

आदेशों के बावजूद एफआईआर नहीं
प्रदेश सरकार ने सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में दिसंबर माह में ही आदेश दिए थे कि सड़कों पर अवैध कटों को तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाए। इसके बाद अगर होटल या ढाबा

मालिक फिर से कट बनाते हैं, तो उनके खिलाफ पुलिस केस दर्ज कराए जाएं। दो दिन पूर्व सड़क सुरक्षा को लेकर चंडीगढ़ में हुई मीटिंग में भी यही आदेश फिर से जारी किए गए।

कटों को पाटने के बाद दोबारा बनाने का खेल हाइवे पर खुलकर चल रहा है, परंतु आज तक किसी भी ढाबा या पंप मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है।

सख्ती से बंद कराएंगे कट
एनएच पर अवैध कटों को चिन्हित किया जा रहा है। एनएचएआई की ओर से संबंधित ढाबा और पेट्रोल पंप मालिको को नोटिस दिए जा रहे हैं।

नोटिस के बाद सभी कटों को बंद कराया जाएगा। दोबारा बनाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।

नहीं किए गए अभी तक सभी कट

नेशनल हाइवे पर कटों को बंद कराने के लिए एनएचएआई के अधिकारियों को कई बार लिखा चुका है। गत पखवाड़े हुई एनएचएआई के अधिकारियों के साथ मीटिंग में अवैध कटों को बंद कराने को कहा गया था, लेकिन अभी तक कई कटों को बंद नहीं किया गया है।

शुरू कर दिया गया है काम
अवैध कटों को बंद कराने के लिए डीसी से पुलिस फोर्स उपलब्ध कराने की मांग की गई है। एनएच 107 से यह कार्य शुरू कर दिया गया है।

एनएच 42 तक के सभी कटों को पुलिस की सहायता से बंद कराया जाएगा। दोबारा कट बनाने वालों पर एफआईआर कराई जाएगी।