हरियाणा के हिसार ने तोडा ठंड़ का रिकॉर्ड, इन 13 जिलों मे कोहरे का रेड अलर्ट, मौसम विभाग ने दिया ये एडवाइजरी

हिसार. पहाड़ों से मैदानों की ओर चलने वाली शीतलहर से हरियाणा में तापमान लगातार गिर रहा है. हिसार प्रदेश में सबसे ज्यादा ठंडा रहा. यहां ठंड से 12 साल का रिकार्ड टूट गया. हिसार में अधिकतम तापमान 10.2 डिग्री दर्ज किया,

जो सामान्य से 8.6 डिग्री कम रहा. चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्विद्यालय की कृषि मौसम वेधशाला में अधिकतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और यह इस सीजन का दिन का सबसे कम तापमान है

. साल 2011 के बाद दिन का इतना कम तापमान दर्ज किया गया है. इससे पहले, 2 जनवरी 2011 को 9.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. हिसार में रात का न्यूनतम

तापमान 4.7 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य है. दिन और रात्रि तापमान में अंतर कम होने से भी ठंड का प्रभाव ज्यादा होता है.मौसम विभाग ने हिसार में मंगलवार को सीवेयर कोल्ड डे यानी अति शीत लहर वाला दिन घोषित किया है.

वहीं भारत मौसम विज्ञान विभाग ने हरियाणा के 13 जिलों में शीत लहर के कारण रेड अलर्ट की चेतावनी दी है. शीत लहर के कारण बुधवार को कई जिलों में कोल्ड डे जैसी स्थिति रह

सकती है. इसमें दिन और रात का तापमान का अंतर कम हो जाता है. मंगलवार को हरियाणा राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में गहरी धुंध या घना कोहरा छाया रहा. कुछ एक स्थानों पर दृश्यता 50 मीटर से भी कम आंकी गई.

मौसम का पूर्वानुमान
हरियाणा राज्य में मौसम आमतौर पर 8 जनवरी तक खुश्क रहने की संभावना है. इस दौरान अगले तीन दिनों अर्थात 6 जनवरी तक राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में शीत लहर की स्थिति

बनी रहने और अलसुबह गहरी धुंध या कोहरा छाए रहने की संभावना है. इस दौरान राज्य में उत्तरी व उत्तर-पश्चिमी शीत हवाएं चलने से रात्रि तापमान में भी गिरावट आने की भी

संभावना है. परंतु पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से 7 व 8 जनवरी को बीच-बीच में आंशिक बादल और रात्रि तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है.

ठंड में पशुओं का करें बचाव
लाला लाजपत राय पशु विज्ञान विश्वविद्यालय हिसार ने बढ़ती ठंड को लेकर पशुओं की उचित तरह से देखभाल करने की सलाह दी है. जनवरी में पशुपालक अपने पशुओं को ठंड से

बचाव के लिए सीधी ठंडी हवा ना लगने दें. छोटे विशेषकर नर पशुओं में पेशाब रुकने की समस्या पर ध्यान दें और पेशाब रुकने की समस्या में जल्द से जल्द पशु चिकित्सक से संपर्क करें, पशु आहार में अधिक उर्जा व प्रोटीन (अनाज, खल) खिलाएं.