हरियाणा के सरकारी वाहनों के VVIP नंबर की होगी नीलामी

प्रदेश में 179 वाहनों पर 0001 नंबर हैं। मुख्यमंत्री अपने चार वाहनों के 0001 नंबर छोड़ चुके हैं। वीवीआईपी नंबरों की नीलामी से सरकार को लगभग बीस करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त होगा।

हरियाणा में आने वाले दिनों में लगभग 26 हजार सरकारी वाहनों पर एक से एक हजार तक के नंबर नहीं दिखेंगे। इन्हें अफसरों,

सरकारी विभागों के बजाय आम जनता को आवंटित किया जाएगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल और मुख्य सचिव संजीव कौशल के 0001 नंबर छोड़ने के बाद

सरकार ने सभी अफसरों और विभागों की गाड़ियों से वीवीआईपी नंबर वापस लेने का निर्णय लिया है।

सरकारी वाहनों की पहचान के लिए जीवी यानी गवर्नमेंट व्हीकल सीरीज शुरू कर दी गई है। मुख्य सचिव और परिवहन आयुक्त कार्यालय के वाहनों से इसका शुभारंभ किया गया है।

मुख्य सचिव कार्यालय की कारों को अब एचआर70जीवी6767 तरह के नंबर मिले हैं। परिवहन आयुक्त कार्यालय ने जिला प्रशासन को एक से एक हजार तक नंबर छोड़ने के आदेश जारी करने के लिए मुख्य सचिव को फाइल भेजी है।

परिवहन आयुक्त राजनारायण कौशिक ने बताया कि जल्दी सरकार की तरफ से आदेश जारी होने की उम्मीद है। जारी होने वाले आदेश में जिला प्रशासन के अधिकारियों और

सरकारी वाहनों के एक हजार तक के नंबर छोड़कर नए नंबर लेने के लिए कहा जाएगा। नए नंबर जीवी सीरीज के साथ मिलेंगे। इस सीरीज से सरकारी वाहनों की पहचान हर जगह आसानी से हो सकेगी।

प्रदेश में 179 वाहनों पर 0001 नंबर हैं। मुख्यमंत्री अपने चार वाहनों के 0001 नंबर छोड़ चुके हैं। वीवीआईपी नंबरों की नीलामी से सरकार को लगभग बीस करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त होगा।

एक से हजार तक के नंबर लेने के लिए फीस निर्धारित है। मनचाहे नंबर के लिए एक से अधिक दावेदार होने पर बोली प्रक्रिया से आवंटन किया जाएगा।

मंत्रियों, अफसरों का नहीं छूट रहा मोह
मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के वीवीआईपी नंबर छोड़ने के बावजूद कई मंत्रियों और अधिकारियों का 0001 नंबर का मोह अभी तक नहीं छूट रहा है।

अनेक अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों, मंत्रियों और विधायकों की गाड़ियों पर यह नंबर अभी मौजूद है। मुख्यमंत्री की अपील को भी इन्होंने गंभीरता से नहीं लिया है।

विशेष परिस्थितियों में मुख्यमंत्री देंगे छूट
0001 नंबर चुनिंदा विभागों के वाहनों पर रह सकता है। इसके लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल की तरफ से विशेष छूट प्रदान की जाएगी।

पुलिस, सीआईडी, खनन, विजिलेंस, सीआईए, आबकारी एवं कराधान इत्यादि विभागों के अफसरों को यह छूट मिलने की उम्मीद जताई जा रही है