हरियाणा में घटती जा रही है सरकारी बसों की संख्या, इन इन रूटों पर सुविधा खत्म देखे लिस्ट

जींद। रोडवेज बेड़े में सरकारी बसों की संख्या कम होती जा रही है। तीन वर्ष पहले रोडवेज बेड़े में 200 सरकारी बसें थी, जिनमें से अब घटकर 123 रह गई है।

इनमें पांच बस जो इन वर्षों में मिली वे भी शामिल हैं। इसके अलावा किलोमीटर स्कीम के तहत 37 बसें चल रही हैं। वहीं परिवहन समिति की 160 बस भी चल रही हैं।

हालांकि रोडवेज बेड़े में 35 बस नई शामिल करनी हैं। इनमें से 12 बस खरीदने के लिए तीन करोड़ 39 लाख रुपये का बजट अलॉट किया गया है।

इन बसों के शामिल होने के बाद रोडवेज बेड़ा कुछ हद तक मजबूत होगा।विज्ञापनरोडवेज में पिछले तीन साल में 60 से अधिक प्राइवेट बस शामिल हुई हैं।

जबकि केवल पांच रोडवेज बस नई मिली हैं। इस कारण रोडवेज में सरकारी बसों की संख्या लगातार कम होती जा रही हैं।

इससे निजी बस संचालकों की मनमानी बढ़ती जा रही है। यात्रियों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार निजी बस संचालकों तथा रोडवेज कर्मचारियों के बीच खींचतान हो चुकी है।

बस स्टैंड के बूथ पर बस लगाने को लेकर तथा दूसरे रुट पर बस चलाने के मामले सामने आ चुके हैं। एक समय था जब डिपो में 200 से ज्यादा रोडवेज बस थी

और प्राइवेट बसों की संख्या आधी से भी कमी थी। धीरे-धीरे रोडवेज बस कम होती गईं और परिवहन समिति की बसों की संख्या में इजाफा होता रहा।

अब आलम यह है कि किलोमीटर स्कीम की 37 बसों को मिलाकर अब डिपो में 160 से अधिक रोडवेज बस हैं। वहीं इस समय परिवहन समिति की बसों की संख्या भी 160 है।

हालांकि डिपो में 35 नई बस शामिल होनी हैं, जिसमें से 12 बस खरीदने के लिए मुख्यालय ने तीन करोड़ 39 लाख रुपये जारी किए गए हैं।

रोडवेज यूनियनें लगा चुकी हैं निजीकरण की तरफ धकेलने का आरोप
हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा की तरफ से डिपो की सभी यूनियन रोडवेज को निजीकरण की तरफ धकेलने के आरोप लगा रही हैं।

समय-समय पर इसको लेकर धरने व प्रदर्शन किए जाते हैं। डिपो प्रधान बिजेंद्र सांगवान, अशोक गोरिया, सुदर्शन लाठर, अनिल ढांडा, जयबीर तालू, अनिल शर्मा, जयभगवान कादियान,

अनूप लाठर व रामनिवास खरकभूरा ने कहा कि प्रदेश सरकार बिना किसी मांग स्टेज कैरिज पॉलिसी 2016 योजना को एबीसी श्रेणी के तहत प्राइवेट परमिट देकर रोडवेज विभाग का निजीकरण करना चाहती।

वह पहले भी इसका विरोध करते रहे हैं और भविष्य में भी करते रहेंगे।डिपो में जल्द ही नई बस शामिल होंगी। इससे यात्रियों को काफी फायदा होगा।

ग्रामीण क्षेत्र पर बसों को चलाया जाएगा। डिपो का प्रयास है कि यात्रियों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा दी जाएं। 12 बस खरीदने के लिए बजट आ चुका है। इस वर्ष 30 बस रोडवेज में शामिल होने की संभावना है।