हरियाणा के हिसार के सातरोड़ स्टेशन से बांग्लादेश के बनापोल के लिए पहली पार्सल ट्रेन हुई रवाना

कपड़ा बनाने के मामले में बांग्लादेश में काफी काम हो रहा है। हिसार में कॉटन काफी मात्रा में होता है। यहां कॉटन की मिल भी हैं।

हिसार की कंपनियों में बना धागा कई देशों में निर्यात किया जाता है।उत्तर पश्चिम रेलवे बीकानेर मंडल ने हरियाणा के हिसार के सातरोड़ स्टेशन से बांग्लादेश के बनापोल के लिए

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पहली पार्सल ट्रेन को बुधवार को रवाना किया गया। हिसार की कंपनियों में से बना धागा निर्यात किया गया है। पहले यह माल ट्रकों से भेजा जाता था।उत्तर पश्चिम रेलवे वाणिज्य

विभाग के प्रयासों से ही निर्यातकों ने ट्रकों के बजाय ट्रेन से माल भेजने पर सहमति जताई। पार्सल ट्रेन में टेक्सटाइल यार्न यानि धागा लादा गया है।

मेसर्स गोयल फ्रेट प्राइवेट लिमिटेड हिसार को बांग्लादेश से यह ऑर्डर मिला था। इसकी आपूर्ति पार्सल ट्रेन से की जाएगी।

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ट्रेन का किराया रेलवे बोर्ड के फ्रेट मार्केटिंग निदेशालय के निर्देशानुसार तय किया गया है। कुल 11252 यार्न के पैकेज के लदान से रेलवे को 27.10 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।

पार्सल ट्रेन रोहतक, गाजियाबाद, अलीगढ़, टुंडला, प्रयागराज, गया, धनबाद, आसनसोल, बनगांव के रास्ते बनापोल बांग्लादेश पहुंचेगी।

इस ट्रेन से भविष्य में पार्सल ट्रेन चलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।हिसार से कई देशों में माल होता है निर्यात


कपड़ा बनाने के मामले में बांग्लादेश में काफी काम हो रहा है। हिसार में कॉटन काफी मात्रा में होता है। यहां कॉटन की मिल भी हैं।

हिसार की कंपनियों में बना धागा बांग्लादेश, हांगकांग, कोरिया, जापान, इटली, आस्ट्रेलिया, स्वीडन, यूके, फ्रांस,

स्पेन, ब्राजील, यूके, फिनलैंड, चिली, ग्वाटेमाला, रूस, बेलजियम, ओसलो, नार्वे, कोलंबिया, दुबई, मैक्सिको आदि में निर्यात किया जाता है।