टिटौली में 16 दिनों में 42 मौतें, दो दिन में भी शुरू नहीं हो सका कोविड केयर सेंटर

महामारी की इस दौर में अभी तक गांव टिटौली में 42 लोगों की मौत हो चुकी है। बावजूद इसके प्रशासन की यहां गम्भीरता दिखाई नहीं दे रही है। संक्रमित लोगों को डॉक्टरों की निगरानी में स्वास्थ्य लाभ देने के लिए गांव में कोविड केयर सेंटर बनाया जाना है। लेकिन मंगलवार तक सेंटर शुरू नहीं करवाया जा सका। हालांकि यह सोमवार को ही प्रारम्भ किया जाना था ।

प्रशासन की ओर से की जा रही देरी से जा सकती है और लोगों की जान

प्रशासन द्वारा की जा रही देरी फिर किसी बीमार मरीज की जान पर भारी पड़ सकती है। क्योंकि काफी लोग गम्भीर रूप से बीमार हैं। इनको ऑक्सीजन की जरूरत हो सकती है। अधिकारियों का कहना है कि बुधवार को हर हाल में सेंटर शुरू करवा दिया जाएगा। सूत्रों से जो जानकारी निकलकर आ रही हैं, उनके मुताबिक कोविड सेंटर को सम्भालने के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास स्टाफ नहीं है। इसी वजह से सेंटर शुरू नहीं हो पा रहा है।

बार-बार मांग दोहरा रहे ग्रामीण, हर बार मिल रहा आश्वासन

लोगों ने की थी कि गांव में मौतों को ग्राफ अचानक बढ़ रहा है। इसलिए यहां कोविड केयर सेंटर बनाया जाए। ताकि महामारी से पीड़ित जिन लोगों का स्वास्थ्य लगातार गिर रहा है, उनको सेंटर में स्वास्थ्य लाभ दिया जा सके। पांच मई को एसडीएम राकेश सैनी, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिड़ी के वरिष्ठ चिकित्सक गांव टिटौली आए थे। तभी लोगों ने सेंटर स्थापित करवाने की मांग की। इसके बाद बीते रविवार को डीसी कैप्टन मनोज कुमार और पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा गांव पहुंचे तो लोगों ने फिर सेंटर की मांग दोहराई। डीसी ने कोविड केयर सेंटर का आश्वासन लोगों को दिया। इसके बाद सोमवार से केयर सेंटर बनवाने की प्रक्रिया शुरू हुई। लेकिन प्रशासनिक सिस्टम देखिए कि मंगलवार को भी कोविड केयर सेंटर स्थापित नहीं किया गया।

कंटेनमेंट जोन होने के बाद भी गांव में 24 घंटे बिजली नहीं

महामारी के संक्रमित लोग मिलने पर टिटौली को पांच मई को कंटेनमेंट जोन घोषित किया। लेकिन गांव में अभी भी पूर्व निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक 15-16 घंटे ही बिजली की आपूर्ति की जा रही है। जबकि जिस गांव को कंटेनमेंट जोन घोषित किया जाता है, वहां 24 घंटे बिजली की सप्लाई दी जाती है।