हरियाणा सरकार ने रखी शिक्षा की नयी नींव,कोई भी बच्चा नहीं रहेगा शिक्षा से वंचित,सबको मिलेगा फ्री एडमिशन

हरियाणा शिक्षा विभाग ने बच्‍चों को शिक्षित करने और स्‍कूल तक पहुंचाने के लिए अभियान चलाया है। अब पढ़ाई से वंचित छात्रों को सर्च करके शिक्षित किया जाएगा।

उनके लिए विशेष केंद्र खोले जाएंगे। सत्र 2022-23 के लिए 50 केंद्र खुलने की संभावना है।

पानीपत/यमुनानगर, जागरण संवाददाता। पढ़ाई से अछूते बच्चों को शिक्षा विभाग की ओर से सर्च कर शिक्षित किया जाएगा। ऐसे बच्चों को लेकर सर्वे किया जाएगा

जो सरकारी स्कूलों से आउट आफ स्कूल और ड्राप आउट हैं। इसको लेकर विशेष केंद्र खाेले जाएंगे। जिनमें बच्चों को निशुल्क पढ़ाया जाएगा।

यह कार्य हरियाणा में समग्र शिक्षा अभियान के तहत किया होगा।इस अभियान के तहत जिला में 50 विशेष केंद्र खुलने की संभावना जताई जा रही है।

पढ़ाई से वंचित पांच से 14 साल के आउट आफ स्कूल और ड्राप आउट बच्चों को विशेष केंद्रों में नामांकन कराकर शिक्षित किया जाएगा।

वहीं 15 से 19 वर्ष के बच्चों को भी अभियान से जोड़ने की बात की जा रही है। चिह्नित बच्चों के सत्र 2022-23 में नामांकन के लिए अभियान 16 जुलाई से शुरू होकर 31 अगस्त तक चलेगा।

कभी स्कूल न जाने वाले बच्चों का होगा ब्रिज कोर्स : जयकुमार

एपीसी जय कुमार ने बताया कि जो बच्चे 10 वर्ष के हो चुके हैं और कभी स्कूल नहीं गए। उनको विभाग की ओर से ब्रिज कोर्स करवाया जाएगा।

ताकि वह उम्र के हिसाब से संभावित कक्षा में बैठ सके और उसे पढ़ाई में कोई दिक्कत न हो। यह कोर्स नौ माह का होगा।

इसमें अधिकतर बच्चे ईंट-भट्ठा, खदानों में काम करने वाले परिवारों के मिलते हैं। ऐसे बच्चों काे चिन्हित कर उनका नामांकन कराया जाएगा।

निशुल्क मिलेगी पढ़ाई से संबंधित सामग्री

उन्होंने बताया कि बच्चों को स्वयंसेवक शिक्षक पढ़ाई करवाएंगे। बच्चों को पढ़ाई से संबंधित सामग्री पुस्तकों से लेकर मिड डे मील, बैग व स्टेशनरी व अन्य चीजें निशुल्क

उपलब्ध करवाई जाएंगी। बच्चों का सप्ताह में एक दिन स्वास्थ्य भी जांचा जाएगा। विभाग का मुख्य मकसद हर बच्चे के स्कूल से जोड कर मुख्यधारा में लाना है। इसको लेकर जल्द ही सर्वे शुरू कर दिया जाएगा।

दाखिला लेकर प्राइवेट भी कर सकेंगे पढ़ाई

उन्होंने बताया कि 10वी व 12वीं कक्षा के जो विद्यार्थी किसी कारणवश पढ़ाई नियमित नहीं रख सके और स्कूल छोड़ कर अन्य कार्य में लगे हुए हैं।

उनके लिए भी दाखिला लेकर प्राइवेट पढ़ाई करने का विकल्प है। इससे उनका कार्य भी प्रभावित नहीं होगा और पढ़ाई भी कर सकेंगे। यदि वह नियमित रूप से स्कूल आना चाहते हैं तो वह विकल्प भी है।