गुड़गांव जिले में बर्ड फ्लू की जांच करेंगी 28 टीमें, जिला प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

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हाइलाइट्स

  • जिले के पशुपालन विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर बनाया प्लान
  • चकरपुर के 10 किलोमीटर के दायरे में जांच के लिए 7 टीमें लगाई गईं
  • मुर्गी पालने वाले तथा मुर्गी व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए एडवाइजरी

गुड़गांव
गुड़गांव के चकरपुर में रहने वाले 11 साल के बच्चे की दिल्ली एम्स में बर्ड फ्लू (एवियन इंफ्लूएंजा) एच5एन1 से मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग व पशुपालन विभाग सतर्क हो गए हैं। दोनों विभागों ने चकरपुर के 10 किलोमीटर के दायरे में जांच के लिए 7 टीमें लगाई हैं। ये लोगों से बर्ड फ्लू के लक्षणों के बारे में पूछताछ कर डेटा इकट्ठा कर रही हैं। वहीं, 21 टीमें जिले के अन्य एरिया में लगाई गई हैं।

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घर-घर जाकर ले रहे जानकारी
पशुपालन विभाग की उप निदेशक डॉ. पुनीता गहलावत ने बताया कि जिले में लगभग 20 पोल्ट्री फार्म हैं। इनमें चेकिंग के लिए टीमें बनाई गई हैं। जिले के सभी पोल्ट्री फार्म की जांच के लिए 28 टीमें लगी हैं। गांव चकरपुर व आसपास के 10 किलोमीटर के दायरे में सर्वे के लिए 7 टीमें अलग से काम कर रही हैं। दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी घर-घर जाकर लोगों से बर्ड फ्लू के लक्षणों संबंधी जानकारी हासिल कर रही हैं। डॉ. पुनीता ने बताया कि जिन दुकानों पर मांस बिकता है, वहां भी जांच की जा रही है।

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70 डिग्री तापमान पर नष्ट होता है वायरस
उपायुक्त डॉ. यश गर्ग ने लोगों से अपील की है कि अगर कहीं भी बीमार या मरा हुए पक्षी किसी को दिखता है तो इसकी सूचना तत्काल पशुपालन विभाग को दें। उन्होंने कहा कि अच्छे से पकाए गए चिकन या अंडे खाने में कोई खतरा नहीं है, क्योंकि 70 डिग्री तापमान पर यह वायरस नष्ट हो जाता है। बर्ड फ्लू से बचने के लिए जरूरी है कि मुख्य रूप से मुर्गियों व बीमार पक्षियों के संपर्क में आने से बचें। बर्ड फ्लू प्रभावित क्षेत्र में नॉन-वेज खाने से परहेज करें। मास्क पहनकर मुंह और नाक ढकें। लक्षण मिलने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। अपने हाथ धोते रहें, विशेषकर खाने से पहले अपने हाथ जरूर धोएं।

जारी की गई एडवाइजरी
जिला प्रशासन की ओर से मुर्गी पालने वाले तथा मुर्गी व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। इसमें कहा गया है कि बीमार पक्षी श्लेष्मा (म्यूकस), बीट और पंखों के संक्रमण से यह मनुष्यों में फैल सकता है। कोई भी व्यक्ति मुर्गियों के सीधे संपर्क में न आए और दस्ताने या किसी भी अन्य सुरक्षा साधन का इस्तेमाल करें। पक्षियों के पंख, म्यूकस और बीट को न छुएं। किसी वजह से छूंए जाने की स्थिति में साबुन से तुरंत हाथ धोएं। मुर्गियों को बाड़े में रखें। संक्रमित पक्षियों को मारकर उनका सुरक्षित निपटान करें।

बर्ड फ्लू के लक्षण

  • धीरे-धीरे बुखार होना
  • नाक से खून निकलना
  • लगातार कफ बनना
  • नाक बहना, सिर में दर्द
  • गले में सूजन और खराश
  • मांसपेशियों में दर्द-उल्टी और दस्त
  • पेट के निचले हिस्से में दर्द-सांस लेने में समस्या

पक्षी में बर्ड फ्लू के लक्षण

  • सिर आगे और पैर पीछे की तरफ फैल जाना
  • सांस लेने में दिक्कत महसूस होना
  • पंखों का अधिक संख्या में गिरना
  • अंडा उत्पादन में कमी आना
  • सिर और मुंह का फूल जाना
  • टांगों में खून के चकते जमना

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