हिसार मे आई लगातार बारिश से अचानक सड़क पर हुआ 20 फ़ीट का गड्ढा

वर्षा के कारण अचानक सड़क पर एक गड्ढा हो गया। लोगों ने देखा की उस गड्ढे के अंदर दूर तक मिट्टी खिसक गई है। पहले 15 से 20 फीट का गहरा गड्ढा नजर आ रहा था।

बाद में पता चला कि वह 40 साल पुरानी ड्रेन है।शहर में कहां कहां ड्रेनेज का जाल बिछा हुआ है स्वयं जनस्वास्थ्य विभाग के इंजीनियरों तक को नहीं पता है।

ताजा मामला वार्ड-20 में डीएन कालेज के प्राचार्य के आवास के सामने का है। जहां जनस्वास्थ्य विभाग को 40 साल से अधिक पुरानी ड्रेनेज मिली है।

यह ड्रेनेज कहां से कहां तक है इस बात का मलबा हटने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।फिलहाल देर रात ड्रेनेज मिलने की सूचना मिलते ही जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सइएन

एसके त्यागी से लेकर नगर निगम के इंजीनियर तक मौके पर पहुंचे। उन्होंने ड्रेनेज देखी और वहां मौजूद लोगों से बातचीत की। जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सइएन ने ड्रेनेज की जानकारी

मिलते ही जेसीबी तक मौके पर बुलाई और मिट्टी हटाकर देखा तो लाइन मिली है। अब शुक्रवार सुबह इस लाइन का रिकार्ड जुटाने से लेकर मौजूदा स्थिति की जानकारी ली जाएगी।

ऐसे ड्रेनेज की मिली जानकारी

वीरवार को वर्षा के कारण अचानक सड़क पर एक गड्ढा हो गया। लोगों ने देखा की उस गड्ढे के अंदर दूर तक मिट्टी खिसक गई है। पहले 15 से 20 फीट का गहरा गड्ढा नजर आ रहा था।

लोगों ने पार्षद अनिल जैन व पार्षद अंबिका शर्मा काे मामले की सूचना देकर मौके पर बुलाया। पार्षदों ने स्थिति देखी तो उन्होंने जनस्वास्थ्य विभाग,

रेलवे और निगम प्रशासन को सूचित किया। रेलवे ने सुरक्षा कारणों से फाटक बंद कर दिया। वहीं जनस्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर स्टाफ बुलाकर खुदाई शुरु कर दी।

बाद में पता चला कि यहां से कुएं की तरह ही गड्ढा हो चुका है। लाइन अंदर ही अंदर लीकेज होने के कारण पानी जमीन में जा रहा था। वीरवार को अचानक मिट्टी खिसकी और ड्रेनेज का सच सामने आ गया।

देर रात तक लगे रहे कर्मचारी

जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी देर रात तक ड्रेनेज की स्थिति देखने में लगे रहे। पार्षद अनिल जैन ने कहा कि यह लाइन 40 साल से अधिक पुरानी लग रही है।

डाट की लाइन है। करीब 24 से 36 इंची लाइन होने का अनुमान है। शुक्रवार को ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।