सोनीपत मे बनने जा रहे है 4 नए सेक्टर, 700 एकड़ जमींन पर

हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण अब अपनी जमीनों को बेचकर कर्जा चुकाने की तैयारी कर रहा है. इसके लिए चार नए सेक्टर बसाने की योजना भी बनाई जा रही है.

इन सेक्टर को सोनीपत के गोहाना में स्थापित किया जाएगा. सोनीपत में सेक्टर 5 और 6 बसाए जाएंगे. जबकि गोहाना में सेक्टर में 13 और 16 का निर्माण किया जाएगा.

सेक्टर-16 के प्रस्ताव को स्वीकृति भी मिल चुकी है. इसके लिए अधिकारियों की ओर से करोड़ो रुपए का एस्टीमेट बनाकर भेज भी दिया गया है.

जमीनों के रेट में उछाल को लेकर एचएसवी भी देखने को मिला है. वह भी जमीनों को बेचकर अपना कर्जा चुकाने की योजना बना रहा है.

इसके लिए वह चार सेक्टर बसाने की प्लानिंग ( Planing) कर रहे हैं. दो सेक्टर सोनीपत और दो सेक्टर गोहाना में बनाए जाएंगे.

इन चार सेक्टरों में 700 एकड़ जमीन निश्चित की गई है. जिसमे सोनीपत में बसाए जाने वाले सेक्टरों के लिए 450 एकड़ जमीन निर्धारित हुई है.

वहीं गोहाना में बसाए जाने वाले सेक्टरों के लिए 450 एकड़ जमीन को निर्धारित किया गया है. आशा है कि इस सभी सेक्टरों में साल के आखिर तक प्लाट मिलने शुरू हो जाएंगे.

इन चार नए सेक्टरों के बसने से न सिर्फ एचएसवीपी को लाभ होगा, बल्कि घर व दुकान के लिए जमीन की तलाश कर रहे लोगों को भी फायदा मिलेगा.

वहीं ऐसे लोगों को भी फायदा होगा जो जमीनों में निवेश( Invest) करना चाहते है.गोहाना के सेक्टर-16 के लेआउट को मिली मंजूरी गोहाना के सेक्टर-16 के लेआउट को

मंजूरी प्राप्त हो चुकी है. सोनीपत के सेक्टर 5 और 6 जबकि गोहाना में सेक्टर 13 और 16 बसाए जाएंगे. जानकारी के मुताबिक सेक्टर-16 में 138 एकड़ जमीन और सेक्टर-13 के लिए के लिए 150 एकड़ जमीन प्रदान की गई है.

सडक़ों पर खर्च होगा करीबन नौ करोड़ रुपए

गोहान के सेक्टर-16 को मंजूरी मिलने के बाद करीबन 16 करोड़ रुपए का एस्टीमेट बनाकर भेज दिया गया है. जिसमें सडक़ सीवर और पानी सम्मिलित है

वहीं इसकी सडक़ों को बनाने के लिए करीबन नौ करोड़ रुपए का खर्चा आएगा. वहीं पानी की आपूर्ति के लिए दो करोड़ रुपए और बरसाती पानी निकासी के लिए 2.7 करोड़ रुपए का अनुमान( Estimate) तय किया गया है.

आर्थिक हालात सुधारने का प्रयास इन सेक्टरों में जमीनों को बेचकर एचएसवीपी अपने आर्थिक हालात सुधारने की कोशिश कर रहा है.

विभाग के अधिकारी अपनी जमीन का ब्योरा बनाने में लगे हुए हैं. ताकि सेक्टरों में विकास कार्य को जल्द से जल्द शुरू कराया जा सके.