रोहतक में छोटी सी कहासुनी बनी मौत का कारण, दोस्तों ने नहर में डुबोकर की हत्या

छोटी छोटी कहासुनी कैसे मौत का कारण बन जाती है कि जिन्हें हम अपना जिगरी समझ कर कुछ कह देते हैं वहीँ जान ले लेते हैं। रोहतक शहर की आंबेडकर कॉलोनी से अपहृत शशांक की हत्या भी मामूली कहासुनी का बदला लेने के लिए की गई है। शशांक को उसके चार दोस्त घर से बुलाकर ले गए और सुनारिया के पास जेएलएन नहर में डुबोकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपियों को दो दिन के रिमांड पर लिया था। आज यानि शुक्रवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया है।

इंदिरा कॉलोनी चौकी प्रभारी सुभाष ने बताया कि आंबेडकर कॉलोनी निवासी एवं निगम की अकाउंट ब्रांच में कार्यरत राकेश ने दी शिकायत में बताया कि रविवार को उसका 18 वर्षीय बेटा शशांक घर पर था। उसे पड़ोस का युवक सुमित अपने साथियों के साथ घर से बुलाकर ले गया। उसी दिन दोपहर करीब 3 बजे सिंचाई विभाग से फोन आया कि आपकी स्कूटी बालंद गांव के पास नहर में मिली है। उसे अनहोनी की आशंका हुई। पुलिस ने सुमित व अन्य के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया था। 

जांच के दौरान पुलिस ने शशांक के चार दोस्तों सुमित, रोहित, अमर व शिवम को गिरफ्तार किया। जांच अधिकारी ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया किया कि वे सभी मालगोदाम रोड पर एक कपड़े की दुकान पर काम करते थे। शशांक खुद को ज्यादा होशियार दिखाता था। इस बात को लेकर कहासुनी भी हो गई थी। ऐसे में उसे सबक सिखाने का निर्णय लिया। योजना के तहत वे उसे घर से बुलाकर ले गए और सुनारिया के पास नहर में डुबोकर हत्या कर दी। इसके बाद स्कूटी को बालंद गांव के नजदीक नहर में फेंक दिया। पुलिस ने मामले में स्कूटी को पहले ही बरामद कर लिया था। अब एक बाइक भी बरामद की है।

डीएसपी गोरखपाल राणा ने कहा कि हत्या के आरोप में पुलिस ने चार युवकों को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया है कि कहासुनी का बदला लेने के लिए शशांक को उसके दोस्त घर से बुलाकर ले गए थे। नहर के पास उसकी डुबोकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी सुमित, शिवम, रोहित व अमर को दो दिन के रिमांड पर लिया था। शुक्रवार को उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा। केस में अपहरण व हत्या के अलावा एससी-एसटी एक्ट भी जोड़ा है।