अंबालावासियों को मिलेगा जाम से निजात रिंग रोड के बनने जा रहा है टोल प्लाजा,आवागमन होगा आसान

अंबाला। अंबाला में भारी वाहनों के भार को कम करने के लिए बन रहे 40 किलोमीटर के रिंग रोड पर एक टोल प्लाजा भी होगा। यह टोल प्लाजा दुखेड़ी से मोहड़ा के बीच में प्रस्तावित किया गया है।

ऐसे में एनएचएआई इस 40 किलोमीटर के रिंग रोड को बनाने से यातायात का भार तो कम कर रहा है साथ ही टोल प्लाजा के माध्यम से अपनी लागत को भी निकालने का काम करेगा। अब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के कुल तीन

टोल जिले में हो जाएंगे। तीनों टोल अलग-अलग राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित हैं। इस प्रोजेक्ट के लिए अंबाला में पड़ोसी राज्यों में आवागमन करने वाले ट्रैफिक का सर्वे भी कराया गया है। इस सर्वे में काफी ट्रैफिक अंबाला के भीतर से होकर जाने

को मजबूर है। ऐसे में अब इस समस्या से अंबालावासियों को निजात मिल सकेगी।अंबाला से लुधियाना की तरफ जाते समय में शंभू टोल प्लाजा, अंबाला से कैथल जाते समय सैनी माजरा गांव के पास और तीसरा टोल प्लाजा अंबाला रिंग रोड पर

प्रस्तावित किया गया है। खास बात यह है कि इस टोल प्लाजा को बनाने का कार्य एनएचएआई के नए नियमों को ध्यान में रखकर किया जाएगा ताकि रिंग रोड से गुजरने वाले वाहन चालकों को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े।

दो फेज में होगा निर्माण, यह है स्टेटस
रिंग रोड कुल 55 किलोमीटर का होगा। 15 किलोमीटर की सड़क बढ़ाना से लेकर सद्दोपुर तक पहले बनी हुई है। अब 40 किलोमीटर के रिंग रोड का निर्माण किया जाना है। जिसे दो

फेज में बनाया जाएगा। पहला फेज 18 किलोमीटर का 360 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा। इसका टेंडर जारी कर कांट्रेक्टर मोंटी कार्लो को ठेका दिया गया है। शेष 22 किलोमीटर के दूसरे फेज को बनने में 590 करोड़ रुपये की

लागत आएगी। जिसे बनाने के लिए टेंडर लगा दिया है मगर कांट्रेक्टर आया नहीं है। ऐसे में टेंडरिंग की प्रक्रिया अभी जारी है। पहले फेज को लगभग मार्च 2025 में पूरा करना है। वही दूसरा 22 किलोमीटर का टुकड़े अगस्त 2025 तक पूरा किया जाएगा।

रिंग रोड के बनने से क्या होगा लाभ
अधिकारियों की मानें तो आज के समय में अंबाला के बाहर से कोई रोड नहीं जा रहा है। उदाहरण के लिए आप अगर यमुनानगर से आ रहे हैं और लुधियाना जाना है या पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश, पंजाब आदि से आने जाने वाला ट्रैफिक

इस समय अंबाला कैंट के बीच से होकर गुजरता है। जिसमें बड़े वाहन भी शामिल हैं। इस ट्रैफिक को अंबाला से बाहर रखने के लिए रिंग रोड का निर्माण किया जा रहा है।